Summer express,चंडीगढ़। हरियाणा में नगर निगम चुनावों को लेकर लंबे समय से जारी इंतजार अब खत्म होने वाला है। राज्य निर्वाचन आयोग 13 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव कार्यक्रम और तारीखों की घोषणा कर सकता है। यदि किसी कारणवश सोमवार को ऐलान नहीं होता, तो बुधवार तक शेड्यूल जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
वार्डबंदी को लेकर चल रहा कानूनी विवाद अब समाप्त हो चुका है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण की नई अधिसूचना जारी कर दी है। यह आरक्षण 2011 की जनगणना के आधार पर तय किया गया है, जिसके बाद चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।
इसी बीच कांग्रेस ने ईवीएम के साथ वीवीपैट को जोड़ने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर 20 अप्रैल को सुनवाई होनी है। हालांकि अभी तक अदालत की ओर से चुनाव प्रक्रिया पर कोई रोक नहीं लगाई गई है, ऐसे में चुनाव तय समय पर होने की संभावना बनी हुई है।
इस बार के चुनाव कई मायनों में खास माने जा रहे हैं। पहली बार मेयर पद को बीसी-बी श्रेणी की महिला के लिए आरक्षित किया गया है। वहीं, विभिन्न नगर परिषद और नगर पालिकाओं में भी आरक्षण का निर्धारण किया जा चुका है। इसके अलावा कुछ निकायों में खाली पड़े वार्डों पर उपचुनाव भी साथ-साथ कराए जाएंगे।
पिछले चुनावों के नतीजों को देखते हुए इस बार भी मुकाबला रोचक रहने की उम्मीद है। भाजपा अपने प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश में जुटी है, जबकि कांग्रेस भी मजबूत चुनौती देने की तैयारी कर रही है।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही प्रदेश के शहरी इलाकों में राजनीतिक सरगर्मियां तेज होना तय है। अगले 24 से 48 घंटे हरियाणा की स्थानीय राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं।