Summer express, मुंबई | लगातार दबाव झेलने के बाद भारतीय रुपया बुधवार को मजबूती के साथ खुला और शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 23 पैसे की बढ़त दर्ज की। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95 प्रति डॉलर पर खुला और तेजी दिखाते हुए 94.95 के स्तर तक पहुंच गया। बाद में इसमें हल्का उतार-चढ़ाव देखा गया और यह 95.10 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
मंगलवार को रुपया 95.18 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जिसके मुकाबले आज इसमें सुधार दर्ज किया गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संकेतों में सुधार और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने रुपये को सहारा दिया है।
दरअसल, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ संभावित समझौते के संकेत मिलने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट आई है। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद से तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं घटी हैं, जिससे कच्चा तेल करीब 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया है। इसका सकारात्मक असर रुपये पर पड़ा है।
इस बीच, डॉलर इंडेक्स में भी कमजोरी देखने को मिली, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले 0.16 प्रतिशत गिरकर 98.28 पर आ गया। इससे भी भारतीय मुद्रा को समर्थन मिला।
घरेलू शेयर बाजारों में तेजी का माहौल भी रुपये के लिए सकारात्मक संकेत रहा। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 650 अंकों से अधिक उछलकर 77,600 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी 24,250 के करीब कारोबार करता दिखा।
हालांकि, बाजार के आंकड़े बताते हैं कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) मंगलवार को बिकवाली के मूड में रहे और उन्होंने 3,621 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे। इसके बावजूद वैश्विक कारकों के चलते रुपये में मजबूती बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता बनी रहती है और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में रुपये को और समर्थन मिल सकता है।