Summer express, रोहतक | हरियाणा के रोहतक में विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे नगर पालिका कर्मचारी संघ का विरोध प्रदर्शन अब उग्र रूप लेता नजर आ रहा है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के आवास के बाहर कचरे से भरी ट्रॉली पलटकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक सफाई व्यवस्था बहाल नहीं की जाएगी।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान शंभू के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के तहत कर्मचारियों ने शहर के कई प्रमुख स्थानों पर कूड़े से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खाली करनी शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में प्रदर्शनकारी हुड्डा आवास के बाहर पहुंचे और वहां कचरे का ढेर लगाकर अपना विरोध जताया।
कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं। 1 मई से जारी हड़ताल के कारण रोहतक शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। शहर के बाजारों और रिहायशी इलाकों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच हड़ताल के दौरान नगर निगम के नियमित कर्मचारियों और ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति भी बन गई। नियमित कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जबकि ठेकेदार के अधीन कार्यरत कर्मचारी सफाई कार्य जारी रखने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और झड़प हुई, जिसका मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया। हालांकि बाद में आपसी सहमति से मामला शांत करा दिया गया, लेकिन तनाव अब भी बना हुआ है।
यूनियन अध्यक्ष शंभू ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे और अनुबंध कर्मचारियों को पक्का करना, सफाई व्यवस्था में ठेका प्रथा खत्म करना, प्रत्येक कर्मचारी को 5000 रुपये मासिक जोखिम भत्ता देना तथा फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को पेट्रोल और मोबाइल भत्ता उपलब्ध कराना शामिल है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल शहर में बिगड़ी सफाई व्यवस्था और बढ़ते विरोध प्रदर्शन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।