Summer express, नई दिल्ली। केरल यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद कैंपस में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प ने बाद में हिंसक रूप ले लिया, जिसके चलते पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला करने के आरोप लगाए हैं।
छात्रसंघ चुनाव में वामपंथी संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने 37 में से 35 सीटों पर जीत दर्ज कर कैंपस में अपना दबदबा कायम रखा, जबकि कांग्रेस समर्थित केरल स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) को केवल दो सीटों से संतोष करना पड़ा।
जीत के बाद SFI कार्यकर्ताओं ने परिसर में विजय जुलूस निकाला। SFI का आरोप है कि जुलूस के दौरान KSU कार्यकर्ताओं ने उन पर पथराव किया और पुलिस वाहन को नुकसान पहुंचाया। वहीं पुलिस का दावा है कि विवाद की शुरुआत SFI कार्यकर्ताओं की ओर से हुई, जिन्होंने KSU समर्थकों पर पत्थर फेंके और लाठियों से हमला किया। इसके बाद दूसरी ओर से भी जवाबी पथराव हुआ।
घटना के बाद कैंपस और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज भी किया। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिस ने इस मामले में 10 नामजद SFI कार्यकर्ताओं समेत करीब 50 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार हिंसा के दौरान एक थाना प्रभारी की कोहनी के पास हाथ की हड्डी टूट गई, जबकि अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। साथ ही पुलिस वाहन के शीशे टूटने से नुकसान होने की बात भी कही गई है।
घटना के बाद राज्यसभा सांसद और डीवाईएफआई नेता एए रहीम भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि KSU कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित तरीके से हमला किया। साथ ही पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय प्रदर्शन कर रहे SFI कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग किया गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।