पानीपत में रिश्वतखोरी पर एसीबी का शिकंजा, पशु चिकित्सक 5 हजार रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

Karuna
3 Min Read

Summer express, पानीपत। हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पानीपत जिले के बड़ौली गांव स्थित पशु अस्पताल में तैनात वीएलडीए (पशुधन विकास सहायक) अशोक कुमार को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने पशुपालन संबंधी ऋण स्वीकृत कराने के बदले रिश्वत की मांग की थी।

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता और उसकी भाभी ने पशुपालन के लिए बैंक ऋण के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि ऋण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी कराने के नाम पर अशोक कुमार ने 7,500 रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने मामले की सूचना एंटी करप्शन ब्यूरो को दे दी।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले की प्राथमिक जांच की, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद आरोपी को रंगेहाथ पकड़ने के लिए विशेष योजना बनाई गई। एसीबी टीम ने शिकायतकर्ता को रासायनिक पाउडर लगे नोट उपलब्ध कराए और उसे आरोपी के पास भेजा।

पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार जैसे ही आरोपी अशोक कुमार ने बड़ौली पशु अस्पताल परिसर में शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये की पहली किस्त स्वीकार की, वहां पहले से मौजूद एसीबी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई।

इस कार्रवाई का नेतृत्व एसीबी पानीपत की टीम ने किया। टीम में इंस्पेक्टर हेमराज, सब-इंस्पेक्टर जगबीर सिंह और एएसआई संजय समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को एसीबी कार्यालय लाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

एसीबी अधिकारियों ने कहा कि सरकारी कार्यों के बदले रिश्वत मांगने या लेने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *