Summer express/ देहरा,गुलशन धनोआ-:देहरा कांगड़ा घाटी रेल सेवा के दोबारा शुरू होने पर राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने इसे क्षेत्र की जनता और कांगड़ा घाटी रेल संघर्ष समिति के लंबे संघर्ष का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से समिति लगातार रेल सेवा बहाली की मांग को लेकर आवाज उठाती रही और उसी जनदबाव का असर है कि अब ट्रेन फिर से पटरी पर लौट आई है।अनुराग शर्मा ने कहा कि रेलवे पुल का निर्माण लगभग डेढ़ वर्ष पहले ही पूरा हो चुका था, इसके बावजूद रेल सेवा शुरू होने में अनावश्यक देरी हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र में भाजपा सरकार होने और विभिन्न जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी के बावजूद लोगों को इतनी लंबी प्रतीक्षा क्यों करनी पड़ी। उनके अनुसार यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है और इसकी समीक्षा होनी चाहिए।
अनुराग शर्मा बताया कि संघर्ष समिति के आंदोलन के दौरान वह स्वयं भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे। इस दौरान उन्होंने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें जीएम और डीआरएम शामिल थे, से कई बार बातचीत की। शर्मा ने कहा कि समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि निर्धारित समय तक रेल सेवा बहाल नहीं की गई तो पठानकोट जंक्शन पर बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 14 तारीख को ट्रेन का सफल ट्रायल हुआ, जिससे सेवा पुनः शुरू करने का मार्ग प्रशस्त हुआ।उद्घाटन कार्यक्रम में आमंत्रित न किए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह कोई व्यक्तिगत नाराजगी का विषय नहीं है, लेकिन यदि क्षेत्र के लोकसभा सांसदों को कार्यक्रम में बुलाया गया था तो राज्यसभा सांसद और जिला कांगड़ा का निवासी होने के नाते उन्हें भी आमंत्रित किया जाना चाहिए था। उन्होंने इसे जनप्रतिनिधियों के प्रति संतुलित व्यवहार का मामला बताया।शर्मा ने कहा कि कांगड़ा घाटी रेल सेवा की बहाली किसी एक नेता, दल या सरकार की उपलब्धि नहीं है। यह संघर्ष समिति, स्थानीय लोगों और क्षेत्रवासियों की एकजुटता तथा निरंतर प्रयासों की जीत है। उन्होंने समिति के सभी सदस्यों और जनता को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर इसी तरह सकारात्मक पहल होती रहेगी।