Summer express, हिसार। हरियाणा में शाम मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिली। राजस्थान से सटे जिलों में तेज धूलभरी आंधी के चलते आसमान रेत के गुबार से ढक गया, जबकि प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट देखने को मिली, हालांकि तेज हवाओं ने कई स्थानों पर नुकसान भी पहुंचाया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव को देखते हुए 6 जून तक बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। गुरुवार शाम करीब चार बजे अचानक मौसम बदला और राजस्थान सीमा से लगे क्षेत्रों में धूलभरी आंधी का असर दिखाई दिया। तेज हवाओं के कारण दृश्यता प्रभावित हुई, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
आंधी और तेज हवाओं के चलते कई जिलों में बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई। अनेक स्थानों पर बिजली के खंभे और तार टूटकर गिर गए, जिससे आपूर्ति बाधित हुई। वहीं, हिसार, चरखी दादरी, कैथल, जींद, रोहतक, झज्जर, हांसी, अंबाला, गुरुग्राम, नूंह (मेवात), बहादुरगढ़ और सोनीपत सहित कई जिलों के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में बारिश और बूंदाबांदी दर्ज की गई।
मौसम के इस बदले रुख के बीच कैथल में एक बड़ा हादसा भी सामने आया। प्रदेश के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के काफिले की पायलट गाड़ी पर तेज हवाओं के कारण बिजली का खंभा गिर गया। हादसा उस समय हुआ जब मंत्री सीवन में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वापस लौट रहे थे। काफिले के आगे चल रही पुलिस की पायलट गाड़ी पर अचानक खंभा गिरने से वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
इस दुर्घटना में थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि शिक्षा मंत्री पूरी तरह सुरक्षित रहे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायलों को तुरंत उपचार के लिए भेजा गया।
मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए भी सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, रोहतक, पानीपत, सोनीपत, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, फरीदाबाद, नूंह और पलवल समेत कई जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश और स्थानीय स्तर पर आंधी की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।