Summer express,कैथल। हरियाणा के कैथल जिले में प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राजौंद तहसील में जिला प्रशासन के औचक निरीक्षण के महज 24 घंटे के भीतर नायब तहसीलदार स्नेह लता को निलंबित कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, कैथल की उपायुक्त अपराजिता ने राजौंद तहसील, बीडीपीओ कार्यालय और नगर पालिका कार्यालय का अचानक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान विभिन्न शाखाओं के रिकॉर्ड, उपस्थिति रजिस्टर और जनसेवाओं से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई। इसी दौरान नायब तहसीलदार स्नेह लता अपने कार्यालय में अनुपस्थित पाई गईं।
ड्यूटी के समय कार्यालय में मौजूद न मिलने पर उपायुक्त ने तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। निरीक्षण रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच के आधार पर अब सरकार ने उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई अमल में ला दी है।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने तहसील परिसर में मौजूद लोगों और शिकायतकर्ताओं से भी बातचीत की। इस दौरान कई लोगों ने नायब तहसीलदार के कार्य व्यवहार और अनुपस्थिति को लेकर नाराजगी जाहिर की। स्थानीय नागरिकों का कहना था कि अधिकारी के अक्सर कार्यालय में न मिलने से राजस्व और अन्य जरूरी कार्यों के लिए लोगों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जनता की शिकायतों और निरीक्षण के दौरान सामने आई स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में लापरवाही और जनहित के कार्यों में देरी को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उपायुक्त अपराजिता ने निलंबन की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ करना होगा। उन्होंने कहा कि आम जनता के कार्यों को प्राथमिकता देना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।