कैथल | पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार देवेंद्र को सोमवार को कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। इस दौरान अदालत ने पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट पर देवेंद्र के पक्ष को सुना, हालांकि ज्यादा बहस नहीं हुई। अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।
पुलिस ने इस केस में जुलाई माह में 136 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। जांच में सामने आया कि देवेंद्र के दो मोबाइल फोनों से 25 हजार से अधिक तस्वीरें और पाकिस्तान में 200 से ज्यादा बार की गई कॉल्स का रिकॉर्ड बरामद हुआ। चार्जशीट में यह भी खुलासा हुआ कि पाक एजेंटों ने उसके लिए वहां इंतजाम करने की बात कही थी।
ऐसे फंसा पाकिस्तानी एजेंटों के जाल में
मस्तगढ़ निवासी देवेंद्र सिंह नवंबर 2024 में सिख धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए पाकिस्तान गया था। वहां एक युवती ने उसे हनी ट्रैप में फंसाया और अपने पास रखकर जासूसी का प्रशिक्षण दिलवाया। इसके बाद उसका संपर्क पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंटों से कराया गया। युवती ने लालच दिया कि गुप्त सूचनाएं देने पर उसे पैसों के साथ-साथ लड़कियों से दोस्ती भी कराई जाएगी।
लालच में आकर देवेंद्र भारतीय सेना से जुड़ी अहम जानकारियां साझा करने लगा। पुलिस ने सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ उसकी तस्वीरें देख मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह अब तक पटियाला कैंट क्षेत्र की तस्वीरें और जानकारी आईएसआई एजेंटों को भेज चुका था। बाद में उसने सबूत मिटाने के लिए मोबाइल से डेटा डिलीट कर दिया।
देवेंद्र एमए (राजनीति विज्ञान) प्रथम वर्ष का छात्र है और पटियाला में किराये पर रह रहा था। वह मध्यम वर्गीय किसान परिवार से है।