चंडीगढ़ | राजधानी चंडीगढ़ से सटे पंचकूला शहर को हाल ही में देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल किया गया था। बुधवार को यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 334 दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। हालांकि अब खुलासा हुआ है कि पंचकूला की हवा नहीं, बल्कि हवा की गुणवत्ता मापने वाला मॉनिटरिंग सिस्टम ही खराब था।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दी सफाई
हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HPCB) ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण AQI का आंकड़ा गलत दर्ज हुआ। वास्तविक स्तर 244 के आसपास था, जो “खराब” श्रेणी में आता है। बोर्ड ने कहा कि यह स्थिति पहले भी नवंबर 2022 में सामने आ चुकी है, जब सेंसर में गड़बड़ी के चलते गलत रीडिंग रिकॉर्ड हुई थी।
दिवाली के बाद लगातार बढ़ रहा है प्रदूषण स्तर
पिछले आठ दिनों से पंचकूला की हवा की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की जा रही है।
दीपावली के दिन AQI 268 तक पहुंच गया था, जो सीजन का सबसे ऊंचा स्तर था। हालांकि, बोर्ड के अनुसार मॉनिटरिंग सेंटर में तकनीकी दिक्कत आने से बुधवार को यह आंकड़ा वास्तविकता से ज्यादा दिखा।
विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
वायु प्रदूषण से बचाव के लिए विशेषज्ञों ने नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।उन्होंने कहा कि बाहर निकलते समय मास्क पहनें, सुबह और शाम के समय टहलने से बचें, घरों में एयर प्यूरीफायर और पौधे लगाएं, धूम्रपान से दूर रहें और बच्चों व बुजुर्गों को प्रदूषण से बचाएं।
चंडीगढ़ में दिखा सुधार
वहीं चंडीगढ़ में वीरवार को वायु गुणवत्ता में सुधार देखा गया। शहर का AQI 125 दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले के 219 की तुलना में बेहतर रहा। हालांकि 13 अक्टूबर के बाद से शहर का प्रदूषण स्तर लगातार 100 से ऊपर बना हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक, पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं का असर चंडीगढ़ और पंचकूला की वायु गुणवत्ता पर पड़ रहा है।