चंडीगढ़ | रेवाड़ी पुलिस पर गंभीर आरोप लगने के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। कोर्ट ने डीएसपी सुरेंद्र श्योराण, रेवाड़ी के एसपी, आईजी, डीजीपी और मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह मामला चार आरोपियों के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार का है, जिनका सिर जबरन मुंडवाकर और हाथों में हथकड़ी लगाकर उन्हें सार्वजनिक रूप से बाजारों में परेड कराई गई थी।
यह याचिका विनीत कुमार जाखड़ नामक व्यक्ति ने दायर की है। याचिकाकर्ता ने पुलिस की इस कार्रवाई को मानवाधिकारों और संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन बताया है, जो व्यक्ति को जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार देता है।
याचिका में कहा गया कि इस तरह की कार्रवाई न केवल अमानवीय है, बल्कि यह न्यायपालिका के आदेशों की अवहेलना और कानून के शासन की भावना के खिलाफ है। जाखड़ ने कोर्ट से अनुरोध किया कि वह इस मामले में स्वत: संज्ञान ले और स्वतंत्र जांच एजेंसी के माध्यम से निष्पक्ष जांच कराए।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों — सुनील बत्रा बनाम दिल्ली प्रशासन और शंकर शुक्ला बनाम दिल्ली प्रशासन — का हवाला देते हुए कहा कि बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति किसी आरोपी को हथकड़ी लगाना अवैध है।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि पुलिस द्वारा इस तरह की कार्रवाई पहले भी की जा चुकी है, जो एक चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाती है। अब हाईकोर्ट ने सभी संबंधित अधिकारियों को अगली सुनवाई में जवाब देने का आदेश दिया है।