हिसार | हरियाणा के हिसार में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सुदामा नगर निवासी और आरा मशीन चलाने वाले राजीव कालिया (45) ने कथित रूप से फाइनेंसर से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। मृतक के बेटे नकुल कालिया की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
25 अक्तूबर को दी थी शिकायत, की थी कानूनी कार्रवाई की मांग
जानकारी के अनुसार, राजीव कालिया ने 25 अक्तूबर को पुलिस अधीक्षक के नाम एक लिखित शिकायत दी थी, जिसमें भिवानी निवासी फाइनेंसर विजेंद्र गिल पर मानसिक उत्पीड़न और अवैध वसूली का आरोप लगाया गया था।
हालांकि, पुलिस कार्रवाई से पहले ही उन्होंने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
बेटे का बयान: “पापा कहते थे, अब मरने के बाद ही पीछा छूटेगा”
मृतक के बेटे नकुल ने बताया कि उनका परिवार तीन भाइयों और एक बहन से मिलकर बना है।
नकुल ने कहा, “मेरे पिता कई दिनों से मानसिक तनाव में थे। विजेंद्र उन्हें लगातार परेशान कर रहा था। पापा अक्सर कहते थे कि उनके मरने के बाद ही विजेंद्र पीछा छोड़ेगा।” 9 नवंबर को राजीव कालिया ने आत्महत्या कर ली।
2012 से शुरू हुआ था 27 लाख का विवाद
पुलिस के अनुसार, राजीव ने अपनी शिकायत में बताया था कि उन्होंने वर्ष 2012 में विजेंद्र से 17 लाखरुपये उधार लिए थे और यह रकम उन्होंने दो अन्य व्यक्तियों को दिलवाई थी। वर्ष 2018 में दोनों के बीच एक समझौता हुआ, जिसमें तय हुआ कि केवल मूल रकम लौटाई जाएगी, ब्याज नहीं। फिर भी विजेंद्र ने लगातार ब्याज की मांग की और दबाव बनाकर खाली चेक व पासबुक पर हस्ताक्षर करवा लिए।
राजीव ने आरोप लगाया था कि विजेंद्र ने चेक बाउंस कराकर उनके खिलाफ केस दर्ज करा दिया और जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
एचटीएम थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के बेटे की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। “हम वित्तीय लेनदेन, चेक बाउंस केस और मृतक की पूर्व शिकायतों की गहराई से जांच कर रहे हैं,” पुलिस अधिकारी।
फाइनेंसर ने बताया आरोप बेबुनियाद
वहीं, विजेंद्र गिल ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा, “राजीव मेरा पुराना सहपाठी था। हमारे बीच पुराने लेनदेन का मामला अदालत में लंबित है। तीन साल से हमारा कोई संपर्क नहीं था। मुझे नहीं पता इस पुराने विवाद में मुझे क्यों घसीटा जा रहा है।” Nएक अन्य व्यक्ति, जिसका नाम भी शिकायत में आया, ने भी किसी भी वित्तीय संबंध से इनकार किया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज
फिलहाल, शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अब मृतक की शिकायत, बैंक रिकॉर्ड और मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के पीछे के असली कारणों का खुलासा किया जा सके।