Mandi, Dharamveer
प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के 100 सरकारी स्कूलों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) का पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। इनमें मंडी जिला के 14 स्कूल भी शामिल हैं। यह व्यवस्था अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से लागू होगी।
शिक्षकों को मिलेगी 50 दिनों की विशेष ट्रेनिंग
सीबीएसई प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शिक्षा विभाग ने चयनित स्कूलों के शिक्षकों को 50 दिनों की विशेष ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया है। इस ट्रेनिंग में शिक्षकों को सीबीएसई के पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली, मूल्यांकन पद्धति और शिक्षण तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
उच्च शिक्षा उपनिदेशक यशवीर धीमान ने बताया कि विभाग ने प्रशिक्षण की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है और जल्द ही इसका शेड्यूल जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा, “सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षण की नई विधाएं सिखाई जाएंगी। शिक्षकों को इस नई प्रणाली के हर पहलू से अवगत कराया जाएगा ताकि वे छात्रों को बेहतर तरीके से मार्गदर्शन दे सकें।”
ट्रेनिंग के बाद पांच वर्षों तक नहीं होगा तबादला
शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो शिक्षक यह ट्रेनिंग पूरी करेंगे, उन्हें पांच वर्षों तक उसी स्कूल में तैनात रखा जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रशिक्षित शिक्षक लंबे समय तक सीबीएसई प्रणाली में काम करें और नए मॉडल को स्थायी रूप से स्थापित करने में योगदान दें।
शिक्षकों और छात्रों में उत्साह
सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू होने की खबर से शिक्षकों और छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मंडी के गर्ल्स स्कूल की शिक्षिका पदमाक्षी ने कहा, “हमारे स्कूल के लिए यह गर्व की बात है कि हम सीबीएसई प्रणाली के तहत पढ़ाई शुरू करने जा रहे हैं। इससे बच्चों को नई शिक्षण पद्धतियों से सीखने का अवसर मिलेगा और वे प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।”
वहीं, छात्रा वृंदा शर्मा ने कहा, “अब हमें सीबीएसई की पढ़ाई के लिए निजी स्कूलों की ओर नहीं देखना पड़ेगा। वही गुणवत्ता अब हमारे सरकारी स्कूल में भी मिलेगी, और वह भी बहुत कम खर्चे पर।”
सरकारी शिक्षा में आएगा बड़ा बदलाव
मंडी जिला के जिन 14 स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम के लिए चुना गया है, वहां तैयारियां जोरों पर हैं। स्कूल प्रबंधन औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटा है ताकि समय रहते नई प्रणाली शुरू की जा सके। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस कदम से सरकारी शिक्षा में एक नई ऊर्जा और प्रतिस्पर्धा का माहौल बनेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, सीबीएसई बोर्ड के तहत पढ़ाई से न केवल छात्रों को राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम का अनुभव मिलेगा, बल्कि उन्हें समान अवसर भी प्राप्त होंगे। इससे सरकारी और निजी स्कूलों के बीच की शैक्षिक दूरी भी कम होगी।
निष्कर्ष
अप्रैल 2026 से जब मंडी जिले के 14 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई प्रणाली लागू होगी, तब यह प्रदेश के शिक्षा ढांचे में एक ऐतिहासिक परिवर्तन साबित हो सकता है। इस पहल से सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी वही स्तर और अवसर मिलेंगे जो अब तक केवल निजी संस्थानों तक सीमित थे.