Shimla, Sanju
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार अपने तीन साल पूरे होने पर मंडी में भव्य आयोजन करने जा रही है। लेकिन इस कार्यक्रम से पहले ही राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। पूर्व उद्योग मंत्री एवं भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब प्रदेश अभूतपूर्व आपदाओं और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है, तब जश्न मनाना जनता की भावनाओं से खिलवाड़ है।
बिक्रम ठाकुर का कहना है कि प्रदेश का हर तबका परेशान है—महिलाए, युवा, किसान-बागवान, कर्मचारी और पेंशनर तक। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि कई पेंशनरों को समय पर पेंशन तक नहीं मिल पा रही। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सरकार का समारोह आयोजित करना “आपदा पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा कदम” है।पूर्व मंत्री ने सीएम सुक्खू पर बाहरी राज्यों में जाकर झूठे दावे करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री के बयानों को जनता ने सिरे से नकार दिया, जिससे हिमाचल की छवि धूमिल हुई है। ठाकुर ने सरकार और प्रशासन के बीच तालमेल पूरी तरह खत्म होने की बात कही और दावा किया कि शासन तंत्र अव्यवस्थित होकर रह गया है।उन्होंने कांग्रेस संगठन पर भी निशाना साधते हुए पूछा कि प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति अब तक क्यों नहीं हो सकी। उनके अनुसार बूथ स्तर पर पार्टी की स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा पर गुटबाज़ी के आरोप लगाने वाली कांग्रेस को पहले अपने संगठन की स्थिति सुधारनी चाहिए।
बड़े आकाओं को खुश करने के लिए धारा 118 में किया बदलाव
सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए ठाकुर ने दावा किया कि राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और “बड़े आकाओं को खुश करने के लिए” धारा 118 में बदलाव किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे निवेशकों का विश्वास टूट रहा है और उद्योग प्रदेश छोड़ने के लिए मजबूर हो रहे हैं।बिक्रम ठाकुर ने कहा कि सरकार को उत्सव मनाने के बजाय तीन साल का आत्ममंथन करना चाहिए और जनता को जवाब देना चाहिए कि आखिर प्रदेश आज इस स्थिति में क्यों पहुंचा।