नूंह | दिल्ली विस्फोट मामले में आरोपी आतंकी डॉ. उमर नबी को 10 दिन तक किराए के कमरे में छिपाने वाली अफसाना को एनआईए और एसटीएफ ने हिरासत में ले लिया है। अफसाना ने अपने रिश्तेदार शोएब की सिफारिश पर नूंह हिदायत कॉलोनी में उमर नबी को अस्थायी रूप से रुकने के लिए कमरा उपलब्ध कराया था। दिल्ली ब्लास्ट के बाद अफसाना फरार हो गई थी और उसकी लगातार तलाश की जा रही थी।
अफसाना गोलपुरी गांव की रहने वाली है। उसका पति ट्रक चालक है और उनकी 12 वर्षीय बेटी है। अफसाना अपने पिता के नूंह स्थित मकान की देखरेख करती थी। शोएब, जो अल-फलाह यूनिवर्सिटी में इलेक्ट्रिशियन के रूप में कार्यरत है, ने अफसाना से इस मामले में संपर्क कराया था।
सूत्रों के अनुसार, उमर नबी ने इस कमरे में कई बार आकर लगभग 10 दिन तक ठहराव किया। दिल्ली ब्लास्ट के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियों ने शोएब को गिरफ्तार किया, जिससे अफसाना अपनी बेटी के साथ घर छोड़कर फरार हो गई। बीती रात उसे पकड़कर दिल्ली ले जाया गया।
अफसाना के गिरफ्तारी के बाद उसके गोलपुरी स्थित परिवार में सन्नाटा पसरा है। तीन दिन पहले उसके छोटे भाई रिजवान को भी हिरासत में लिया गया था। परिवार के लोग शांत स्वभाव के बताए जा रहे हैं। अफसाना की भूमिका इस मामले में अहम मानी जा रही है क्योंकि उसके कमरे में आतंकी ने कई दिन बिताए और उससे जुड़े अन्य संभावित आरोपित भी जांच एजेंसियों की निगरानी में हैं।
जांच एजेंसियां अफसाना से पूछताछ कर आतंकी के ठहराव, संपर्क और अन्य सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां जुटा रही हैं। इस मामले में कई अन्य नामजद आरोपी भी जांच के दायरे में हैं और आगे की कार्रवाई जारी है।