Shimla, 23 November-:हिमाचल प्रदेश में मौसम का शुष्क दौर लगातार बना हुआ है, लेकिन तापमान में गिरावट ने पहाड़ी इलाकों में सर्दी की तीव्रता और बढ़ा दी है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कहीं भी वर्षा या हिमपात नहीं हुआ। इस बीच ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है।
वहीं दूसरी ओर, पांवटा साहिब में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे निचले क्षेत्रों में दिन के समय हल्की गर्माहट महसूस की गई। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकांश स्थानों पर अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया। हालांकि, ऊंचाई वाले कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री कम बना हुआ है, जिसके चलते ठंड और अधिक महसूस की जा रही है।
मंडी और बिलासपुर में सुबह के समय मध्यम कोहरा छाया रहा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को वाहनों की आवाजाही में सावधानी बरतनी पड़ी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने अगले सात दिनों तक पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। इस अवधि में वर्षा या हिमपात की कोई संभावना नहीं है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद इसमें दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे दो से चार डिग्री की गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे उत्तर भारत की सर्द हवाओं का असर राज्य के अधिकांश हिस्सों पर स्पष्ट रूप से महसूस होगा।
शिमला, कुल्लू, मनाली, चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, ऊना, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर सहित सभी जिलों के लिए किसी प्रकार की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। विभाग ने लोगों को कोहरे और ठंड के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। लगातार शुष्क मौसम से जहां किसानों और बागवानों में चिंता बढ़ रही है, वहीं घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड का असर दिन-ब-दिन तेज होता जा रहा है।