Chandigarh, 20 December-:हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में विस्तार से जवाब दिया। चर्चा की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके वक्तव्य के बाद सदन में मतों की गिनती होगी और उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वे उनके जवाब को ध्यानपूर्वक सुनें।
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि इससे पहले भी 22 फरवरी 2024 को विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया था, लेकिन मतदान से पहले ही सदन से वॉकआउट कर गया था। उन्होंने कहा कि जब सरकार पर आरोप लगाए जाएं तो वे तथ्यों, सत्य और प्रदेश की वास्तविक स्थिति पर आधारित होने चाहिए, न कि निराशा, हताशा और राजनीतिक कुंठा से उपजे हों। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव जल्दबाजी में लिखा गया प्रतीत होता है और केवल प्रस्ताव लाने की औपचारिकता निभाई गई है।महंगाई के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष स्वयं यह मानता है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महंगाई के बेकाबू दौर पर रोक लगी है। लोकतंत्र को “तंत्र लोक” कहे जाने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय संस्कृति में “तंत्र” कोई अपशब्द नहीं है और जब शब्द अर्थ खो देते हैं तो संवाद शोर बन जाता है, जिसकी झलक प्रस्ताव के शुरुआती हिस्से में ही दिखती है।
मुख्यमंत्री ने सरकार के विजन पर बात करते हुए कहा कि उनका दृष्टिकोण संकीर्ण नहीं, बल्कि अर्जुन के निशाने की तरह केंद्रित है। प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करना ही सरकार का लक्ष्य है और उससे पहले विकसित हरियाणा के विजन को धरातल पर उतारा जाएगा। उन्होंने कहा कि सच्चा विकास वही है, जिसमें अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी मुस्कुराए।उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए सड़कों, सुरंगों, रेल परियोजनाओं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, कानून-व्यवस्था, संगठित अपराध पर कार्रवाई, बेरोजगारी में कमी, बिना खर्ची-पर्ची नौकरियों, शिक्षा संस्थानों के विस्तार, खिलाड़ियों के लिए बढ़े बजट और गरीब कल्याण योजनाओं का हवाला दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यों से परे हैं और जनता के हित में किए गए कार्यों को नज़रअंदाज़ किया गया है। अंत में उन्होंने सदन से आग्रह किया कि जनहित, कार्यों और वास्तविक उपलब्धियों के आधार पर इस अविश्वास प्रस्ताव को अस्वीकार किया जाए।