Mandi, Dharamveer-:पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने वीबी जी-राम-जी योजना को लेकर बड़ा बयान दिया है। मंडी में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना के तहत हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से 90:10 के अनुपात में ही धनराशि मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है और गलत जानकारी फैलाई जा रही है।
पूर्वांचल के राज्यों और हिमाचल प्रदेश को 90ः10 के अनुपात में रखा गया है शामिल
जयराम ठाकुर ने कहा कि भले ही केंद्र सरकार ने कुछ राज्यों के लिए इस योजना में 60:40 के अनुपात का प्रावधान किया हो, लेकिन पूर्वांचल और पहाड़ी राज्यों के लिए अब भी 90:10 का अनुपात ही लागू रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश को योजना के अंतर्गत कुल राशि का 90 प्रतिशत केंद्र सरकार से प्राप्त होगा, जबकि राज्य सरकार को केवल 10 प्रतिशत अंशदान देना होगा। उन्होंने कहा कि पहले भी प्रदेश को इसी अनुपात में धन मिलता रहा है और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वीबी जी-राम-जी योजना का उद्देश्य केवल अस्थायी रोजगार उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि गांवों में स्थायी और उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि पहले मनरेगा के तहत ऐसे कार्य होते थे जो लंबे समय तक टिकाऊ नहीं रहते थे, लेकिन अब इस योजना के माध्यम से स्कूल भवन, सामुदायिक भवन और अन्य सार्वजनिक संपत्तियां बनाई जाएंगी, जिससे गांवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।
अगर 15 दिनों में रोजगार नहीं मिला तो गारंटिड मिलेगी बेरोजगारी भत्ता
जयराम ठाकुर ने यह भी बताया कि यदि किसी श्रमिक को 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो उसे गारंटीड रूप से बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले यह प्रावधान तो मौजूद था, लेकिन इसे सख्ती से लागू नहीं किया जाता था। अब नए नियमों में इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आपदा के समय हुए नुकसान की भरपाई में भी वीबी जी-राम-जी योजना अहम भूमिका निभाएगी। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण और राहत कार्यों में इस योजना के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, सरकार ने इस योजना को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन प्रणाली को अपनाया है, जिससे भ्रष्टाचार की संभावनाओं पर अंकुश लगेगा।जयराम ठाकुर ने कहा कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार बढ़ाने और गांवों के बुनियादी ढांचे को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।