फरीदाबाद |अरावली क्षेत्र के जवाहर कॉलोनी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मौलवी ने घर में 100 करोड़ रुपये का खजाना होने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 29 लाख रुपये ठग लिए। मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच ऊंचागांव की टीम ने आरोपी को बिहार के अररिया जिले के खाबदा गांव से गिरफ्तार कर लिया है।
पीड़ित रघुनंदन शर्मा ने पुलिस को बताया कि करीब दो साल पहले उनके घर में पलंग के नीचे चावल फैले हुए मिले, जिससे उनकी पत्नी ने किसी तंत्र-मंत्र की आशंका जताई। पड़ोसी मरगूब अहमद की सलाह पर उन्होंने पर्वतीय कॉलोनी निवासी मौलवी कमरे आलम को बुलाया। मौलवी ने दावा किया कि घर में दो सांपों का जोड़ा मौजूद है और वहां 100 करोड़ का सोना-चांदी दबा हुआ है, जिसे वह तांत्रिक विधियों से बाहर निकाल सकता है—लेकिन इसमें 35–40 लाख रुपये का खर्च आएगा।
29 लाख रुपये की ठगी ऐसे रची गई
लालच में आए रघुनंदन ने सबसे पहले मौलवी को 8 लाख रुपये कैश दिए। मौलवी ने बंगाल जाने की बात कहकर कुछ समय के लिए दूरी बना ली, फिर लौटकर एक मटका प्लॉट में दबाया और दिखावे के तौर पर उसमें 107 नकली सोने के सिक्के व आभूषण रख दिए। जब पीड़ित ने इन गहनों को सुनार से चेक करवाया, तो सुनार ने इन्हें असली बताया, जिससे रघुनंदन का मौलवी पर पूरा विश्वास बन गया।
इसके बाद मौलवी ने और पैसों की मांग की और किस्तों में कुल 29 लाख रुपये ऐंठ लिए। कुछ समय बाद जब मौलवी का फोन बंद हो गया और उसका कोई सुराग नहीं मिला, तब रघुनंदन को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने इसकी शिकायत सारन थाना पुलिस को दी।
आरोपी मौलवी को बिहार से दबोचा
क्राइम ब्रांच ऊंचागांव की टीम ने मामले की जांच करते हुए आरोपी कमरे आलम को उसके पैतृक गांव खाबदा (जिला अररिया, बिहार) से गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिछले 14 वर्षों से फरीदाबाद में रह रहा था और एक मदरसे में शिक्षक के रूप में भी कार्य कर चुका है। वहीं, उसी दौरान उसने इस ठगी की योजना बनाई थी।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर 7 दिन की रिमांड पर लिया है और उससे ठगी की रकम की बरामदगी को लेकर पूछताछ की जा रही है।