नई दिल्ली। एअर इंडिया ने अपने बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच (FCS) को लेकर उठे सवालों पर सफाई देते हुए कहा है कि उसके बेड़े में शामिल सभी ऑपरेशनल ड्रीमलाइनर विमानों में किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी नहीं पाई गई है। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा जांच और एहतियाती निरीक्षण के बाद फ्यूल कंट्रोल स्विच को लेकर कोई गंभीर समस्या सामने नहीं आई है।
दरअसल, हाल ही में यूके सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAA) ने एयर इंडिया से यह सवाल किया था कि एक ड्रीमलाइनर विमान लंदन से उड़ान भरने के बाद संभावित खराब फ्यूल कंट्रोल स्विच की शिकायत के बावजूद कैसे ऑपरेट किया गया। इस मामले को गंभीर मानते हुए CAA ने एयरलाइन से विस्तृत जवाब मांगा था।
यह मुद्दा इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि कुछ महीने पहले अहमदाबाद में हुए AI171 ड्रीमलाइनर हादसे के बाद भी फ्यूल कंट्रोल स्विच की भूमिका को लेकर सवाल उठे थे। उस दुर्घटना में 260 लोगों की मौत हुई थी, जिससे विमान सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई थी।
CAA ने एयर इंडिया को चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो एयरलाइन और उसके बोइंग 787 बेड़े के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई हो सकती है।
एअर इंडिया ने कहा कि उसने संबंधित विमान को एहतियात के तौर पर ग्राउंड कर दिया था, क्योंकि पायलट ने लैंडिंग के दौरान स्विच में संभावित खराबी की सूचना दी थी। एयरलाइन के अनुसार, फ्यूल कंट्रोल स्विच इंजन तक ईंधन की सप्लाई को नियंत्रित करता है और इसका सही तरीके से काम करना बेहद जरूरी है।
एयर इंडिया ने यह भी कहा कि वह CAA के निर्देशों के अनुसार क्रू मेंबर्स के लिए ऑपरेशन प्रक्रिया को दोबारा सर्कुलेट करेगी और यूके रेगुलेटर को पूरी रिपोर्ट सौंपेगी। एयरलाइन ने दोहराया कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।