Facebook-f Youtube X-twitter

तेल संकट की स्थिति में भारत के पास 74 दिन का स्टॉक, मंत्री ने दी जानकारी

नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, युद्ध जैसी परिस्थितियों और कच्चे तेल की आपूर्ति में संभावित बाधाओं के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत कर लिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए कहा कि यदि अचानक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई रुक जाए, तब भी भारत के पास पर्याप्त भंडार मौजूद है, जिससे देश करीब 74 दिनों तक बिना किसी परेशानी के अपनी जरूरतें पूरी कर सकता है।

मंत्री ने बताया कि यह स्टॉक भारत की रणनीतिक तैयारियों का हिस्सा है और किसी भी आपात स्थिति में देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने में मदद करेगा।

तेल खपत में तीसरे नंबर पर भारत

हरदीप सिंह पुरी ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि भारत आज कच्चे तेल की खपत के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है। वहीं रिफाइनिंग क्षमता के लिहाज से भारत चौथे स्थान पर पहुंच चुका है।

उन्होंने कहा कि भारत अब केवल तेल आयात करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि वह पेट्रोलियम सेक्टर में एक मजबूत वैश्विक शक्ति के रूप में उभर रहा है।

रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने की तैयारी

मंत्री ने बताया कि वर्तमान में भारत हर साल करीब 26 करोड़ मीट्रिक टन कच्चे तेल की रिफाइनिंग कर रहा है। सरकार की योजना इसे बढ़ाकर 32 करोड़ मीट्रिक टन तक पहुंचाने की है।

इसके साथ ही भारत पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में भी लगातार मजबूत हो रहा है और इस क्षेत्र में टॉप-5 देशों में शामिल है।

भूमिगत रणनीतिक भंडार बना सुरक्षा कवच

उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार तैयार किए हैं। इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड (ISPRL) द्वारा आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के तीन प्रमुख स्थानों पर करीब 53.3 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल सुरक्षित रखा गया है।

90 दिन का स्टॉक लक्ष्य, आगे बढ़ेगी क्षमता

हालांकि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार किसी भी देश के पास 90 दिनों का तेल भंडार होना चाहिए, लेकिन मंत्री ने कहा कि फिलहाल 74 दिनों का बैकअप भारत को सुरक्षित स्थिति में रखता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार आने वाले समय में इस क्षमता को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है, ताकि किसी भी वैश्विक संकट का असर भारत की जनता और अर्थव्यवस्था पर न पड़े।

Karuna

infosummerexpress@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

धर्मशाला–मैक्लोडगंज मार्ग पर भूस्खलन से क्षतिग्रस्त सड़क के पुनर्निर्माण में देरी

धर्मशाला,राहुल-:धर्मशाला से मैक्लोडगंज को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर कोतवाली बाजार के रास्ते डीसी आवास के समीप हुए भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त सड़क के पुनर्निर्माण का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। लोक निर्माण विभाग इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए एनआईटी हमीरपुर के विशेषज्ञों की सलाह का इंतजार कर रहा है।...

कमला नेहरू अस्पताल से गायनी वार्ड शिफ्ट करने के फैसले पर बवाल, भाजपा का धरना

शिमला,संजू-:शिमला में मातृ एवं शिशु अस्पताल कमला नेहरू (KNH) से गायनी वार्ड को IGMC शिफ्ट करने के फैसले का विरोध तेज होता जा रहा है। जनवादी महिला समिति के बाद अब भाजपा भी खुलकर सरकार के खिलाफ उतर आई है। भाजपा जिला शिमला ने अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार से इस निर्णय को...

कोटखाई में ओलावृष्टि से नुकसान का सर्वे तेज, ट्रैफिक और नशा मुक्ति पर प्रशासन सख्त

शिमला,संजू-:कोटखाई के एसडीएम अभिषेक भरवाल ने हाल ही में हुई ओलावृष्टि और बर्फबारी से हुए नुकसान को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे तेज कर दिया है ताकि जल्द मुआवजा दिया जा सके। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की भी तैयारी की...

पंचायत चुनावों में पार्टी आधार नहीं होगा मान्य, भाजपा पर महिला आरक्षण को लेकर सियासत का आरोप-मुख्यमंत्री

शिमला,संजू-:  हिमाचल प्रदेश की राजनीति में अहम संकेत देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि आगामी पंचायत चुनाव पार्टी के आधार पर नहीं लड़े जाएंगे। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित कार्यसमिति की पहली बैठक में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पंचायत स्तर पर...

नूरपुर में गैस सिलेंडर की किल्लत से जनता परेशान,वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल

नूरपुर ,संजीव-:नूरपुर क्षेत्र में गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर आम जनता में गहरी नाराज़गी देखने को मिल रही है। स्थानीय निवासियों ने गैस वितरण प्रणाली को अव्यवस्थित बताते हुए प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग की है। लोगों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा...

हम लाते हैं तेज़, साफ़ और भरोसेमंद ख़बरें — शोर के बीच भी सच्चाई तक पहुंचाने वाली।
चाहे ब्रेकिंग न्यूज़ हो या आपके लिए अहम कहानियाँ, हर दिन हम देते हैं समझदारी और रोचक अंदाज़ में कवरेज।

Must Read

©2025- All Right Reserved.