बठिंडा | रामपुरा फूल में शिरोमणि अकाली दल की ओर से आयोजित ‘पंजाब बचाओ’ रैली में पार्टी के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब सरकार पर जमकर निशाना साधा। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक हालात को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
मजीठिया ने कहा कि पंजाब की स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं और आए दिन हत्या जैसी वारदातें सामने आ रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसे हालात में मुख्यमंत्री भगवंत मान इलाज के लिए बेंगलुरु में हैं और प्रदेश की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
उन्होंने मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पंजाब के लोग सम्मान और आत्मसम्मान में विश्वास रखते हैं, लेकिन मौजूदा सरकार के फैसले दिल्ली से प्रभावित हो रहे हैं। मजीठिया ने दावा किया कि राज्य की नीतियों और फैसलों पर बाहरी दखल बढ़ गया है, जिससे पंजाब की स्वायत्तता प्रभावित हो रही है।
गुरदासपुर की एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने एक युवक को कथित तौर पर झूठे मामले में गोली मार दी। मजीठिया ने कहा कि 19 वर्षीय युवक का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने इस घटना की जिम्मेदारी तय करने और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
इसके अलावा मोहाली के राणा बलाचौरिया हत्या मामले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में भी एक नाबालिग की मौत हुई है। मजीठिया ने आरोप लगाया कि इन दोनों मामलों में पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल खड़े होते हैं और सच्चाई सामने आनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के कार्यकाल में कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए पे-कमिशन लागू किए गए थे। वहीं महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह देने के वादे को लेकर भी उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि अभी तक यह योजना लागू नहीं हुई है।
मजीठिया ने मीडिया की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पत्रकारों और मीडिया संस्थानों पर कार्रवाई लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार को आलोचना से डरने के बजाय पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना चाहिए।