शिमला,संजू-:हिमाचल प्रदेश में ‘चेस्टर हिल’ परियोजना को लेकर विवाद अब प्रशासनिक दायरे से निकलकर सियासी बहस का केंद्र बन गया है। जिला सोलन में जमीन खरीद और निर्माण से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों ने पूर्व और वर्तमान वरिष्ठ अधिकारियों को आमने-सामने ला खड़ा किया है। इस मुद्दे पर अब प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार अधिकारियों के इशारों पर चल रही है और मुख्यमंत्री का प्रशासन पर नियंत्रण कमजोर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से नहीं ले रही।
वहीं मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर को अपने कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक नियंत्रण पर भी जवाब देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच के निर्देश जिला उपायुक्त (DC) को दिए गए हैं और इस पर अनावश्यक राजनीति नहीं होनी चाहिए।
दरअसल, ‘चेस्टर हिल’ प्रोजेक्ट में धारा-118 के उल्लंघन और निर्माण में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता विनय शर्मा की शिकायत के बाद वर्तमान कार्यकारी मुख्य सचिव संजय गुप्ता पर सवाल उठे। इसके जवाब में संजय गुप्ता ने पूर्व मुख्य सचिवों पर ही आरोप लगाए, जिससे विवाद और गहरा गया।इस बीच, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी विनीत चौधरी ने भी मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकार इस गंभीर मुद्दे को केवल अधिकारियों की आपसी खींचतान बताकर हल्का करने की कोशिश कर रही है, जो उचित नहीं है।अब यह मामला प्रशासनिक पारदर्शिता और राजनीतिक जवाबदेही दोनों की परीक्षा बनता जा रहा है।