Summer express/सिरसा -:हरियाणा के सिरसा में नगर परिषद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल अब बड़े आंदोलन का रूप लेती जा रही है। शहर में सड़कों पर पड़े कूड़े को उठाने को लेकर सफाई कर्मचारियों और पुलिस प्रशासन के बीच तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कूड़ा उठाने की कोशिश का कर्मचारियों ने विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और माहौल गरमा गया।
बताया जा रहा है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ सफाई कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। इस कार्रवाई के बाद कर्मचारियों में रोष और बढ़ गया। महिला सफाई कर्मचारियों ने पुलिस पर अभद्र व्यवहार करने और डराने-धमकाने के आरोप लगाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस ने सख्ती दिखाई।नगर परिषद के सफाई कर्मचारी पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन लंबे समय से उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं। वे नियमितीकरण, वेतन बढ़ोतरी, स्थायी नौकरी, सुरक्षा उपकरण और अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे शहर से कूड़ा उठाने नहीं देंगे।सफाई कर्मचारियों ने अपनी चार दिवसीय हड़ताल को आगे बढ़ाने का ऐलान करते हुए कहा कि अब यह लड़ाई केवल मांगों की नहीं बल्कि सम्मान और अधिकारों की भी है। कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
वहीं, शहर में बढ़ते कूड़े के ढेर को देखते हुए जिला प्रशासन ने सफाई व्यवस्था संभालने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। प्रशासन की ओर से विभिन्न इलाकों में कूड़ा उठाने का काम शुरू कर दिया गया है ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासन का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।इस मामले में सिरसा नगर परिषद चेयरमैन शांति स्वरूप ने सरकार से सफाई कर्मचारियों की मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी शहर की व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रशासन और कर्मचारियों से शांति बनाए रखने की अपील भी की।