Summer express/करनाल/राकेश कुमार शर्मा-:मिडिल-ईस्ट में लगातार बढ़ रहे तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी का असर अब भारत में भी साफ दिखाई देने लगा है। शुक्रवार सुबह 6 बजे से पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी लागू होने के बाद आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। हरियाणा समेत कई राज्यों में ईंधन की नई दरों ने लोगों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। प्रदेश में पेट्रोल की कीमत 104.31 रुपये से बढ़कर 107.45 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 90.83 रुपये से बढ़कर 93.94 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। पेट्रोल में 3.14 रुपये और डीजल में 3.11 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई है।
कीमतों में बढ़ोतरी लागू होते ही करनाल के पेट्रोल पंपों पर हलचल तेज दिखाई दी। कई वाहन चालक सुबह-सुबह ही पेट्रोल भरवाने पहुंचे। लोगों के चेहरों पर महंगाई को लेकर चिंता साफ नजर आई। आम नागरिकों का कहना है कि ईंधन की कीमतें बढ़ने का असर केवल यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रोजमर्रा की हर जरूरी वस्तु महंगी हो सकती है। लोगों का मानना है कि आने वाले दिनों में सब्जियां, राशन, दूध और अन्य घरेलू सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।पेट्रोल पंप पर पहुंचे वाहन चालक प्रदीप कुमार ने कहा कि सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भी लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक उपयोग करने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब लोगों को निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करना चाहिए ताकि बढ़ते खर्च से कुछ राहत मिल सके। प्रदीप कुमार का कहना था कि फिलहाल बढ़ोतरी सीमित है, लेकिन यदि अंतरराष्ट्रीय हालात नहीं सुधरे तो भविष्य में ईंधन की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
वहीं, पेट्रोल पंप पर पहुंची कुछ स्कूली छात्राओं ने भी बढ़ती महंगाई पर चिंता जताई। छात्राओं ने कहा कि स्कूल आने-जाने का खर्च पहले ही बढ़ चुका है और अब पेट्रोल-डीजल महंगे होने से परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्ट महंगा होने का असर पढ़ाई से लेकर घर के बजट तक हर जगह दिखाई देगा। छात्राओं ने यह भी कहा कि ईंधन की कीमतें बढ़ने से खाने-पीने की चीजें और जरूरी सामान भी महंगे हो जाएंगे, जिससे आम लोगों की परेशानियां बढ़ेंगी।आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि देश की महंगाई दर को प्रभावित कर सकती है। परिवहन लागत बढ़ने से बाजार में हर वस्तु की कीमत पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। ऐसे में आने वाले समय में आम आदमी को महंगाई की दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है।