Summer express/शिमला, संजू -:शिमला पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो अलग-अलग मामलों में तीन मुख्य चिट्टा सप्लायर सरगनाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बैकवर्ड लिंकज, डिजिटल ट्रांजैक्शन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की। पुलिस का दावा है कि आरोपियों का नेटवर्क पंजाब, हरियाणा और हिमाचल तक फैला हुआ था।
ASP हेडक्वार्टर अभिषेक ने जानकारी देते हुए बताया कि पहला मामला पुलिस थाना संजौली में 18 मई को दर्ज किया गया था। इस दौरान पुलिस ने रवि कुमार उर्फ बंटी निवासी संजौली के कब्जे से लगभग 26 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। जांच में सामने आया कि आरोपी अपनी दुकान पर आने वाले ग्राहकों से अलग-अलग QR कोड स्कैनर के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करवाता था। ग्राहकों को इस बात की जानकारी नहीं होती थी कि उनके जरिए भेजी गई राशि का इस्तेमाल नशीले पदार्थों की खरीद में किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार आरोपी डिजिटल ट्रेल छिपाने के लिए इस तरीके का इस्तेमाल करता था।तफ्तीश के दौरान पुलिस को पता चला कि रवि कुमार पंजाब के तरनतारन निवासी युवक के संपर्क में था और उसी को पैसे भेजकर चिट्टा मंगवाता था।इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 22 मई को मुख्य सप्लायर शवनदीप उर्फ गोल्डी कुमार निवासी पट्टी,जिला तरनतारन को अमृतसर के जंडियाला गुरु क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
दूसरा मामला पुलिस थाना बालूगंज में दर्ज किया गया, जहां 18 मई को जय सिंघला निवासी सोलन के कब्जे से 14 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में खुलासा हुआ कि इस नेटवर्क का संचालन पंजाब और हरियाणा से किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि मोगा निवासी अमृत पाल और हरियाणा के कुलदीप सिंह मिलकर सप्लाई चेन चला रहे थे। कुलदीप चिट्टे की डिलीवरी का काम करता था।पुलिस ने यह भी पाया कि आरोपी इंस्टाग्राम के माध्यम से एक-दूसरे के संपर्क में थे और उनके बीच लाखों रुपये के लेन-देन के प्रमाण मिले हैं। मामले में आगे कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 25 मई को अमृत पाल को मोगा और कुलदीप सिंह को पिंजौर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।