Summer express, चंडीगढ़। भारतीय रेलवे ने हरियाणा के जींद-सोनीपत रेलखंड पर हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित 10 कोच वाली डेमू ट्रेन चलाने को मंजूरी दे दी है। यह देश में ग्रीन और स्वच्छ ऊर्जा आधारित रेल तकनीक की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। रेलवे बोर्ड ने ट्रेन संचालन की अनुमति कई तकनीकी और सुरक्षा मानकों के साथ जारी की है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह ट्रेन हाइड्रोजन गैस से संचालित होगी और इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। हाइड्रोजन तकनीक के इस्तेमाल से डीजल की खपत कम होगी और प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है। फिलहाल इस ट्रेन का संचालन केवल जींद-सोनीपत सेक्शन पर किया जाएगा।
ट्रेन के रखरखाव और तकनीकी निगरानी की जिम्मेदारी दिल्ली स्थित शकूरबस्ती डिपो को सौंपी गई है। वहीं जींद में हाइड्रोजन गैस भरने और उसके सुरक्षित भंडारण के लिए जरूरी लाइसेंस भी जारी कर दिए गए हैं।
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ट्रेन शुरू करने से पहले सभी सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होगा। हाइड्रोजन प्लांट, बैटरी सिस्टम और ट्रेन सेट की सुरक्षा जांच रिपोर्ट में बताए गए सभी निर्देशों को लागू करना जरूरी होगा।
इसके अलावा, हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन और ट्रेन संचालन से जुड़े कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। रेलवे ने कहा है कि शुरुआती तीन महीनों तक ट्रेन के साथ प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ भी तैनात रहेगा, ताकि किसी भी तकनीकी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रेलवे ने कई अतिरिक्त दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। इनमें हाइड्रोजन प्लांट की 24 घंटे निगरानी, सेंसर की नियमित सफाई, आवश्यक स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता और पूरे परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है। रेलवे ने भविष्य में ग्रीन हाइड्रोजन के वैकल्पिक स्रोत विकसित करने पर भी जोर दिया है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देश की पहली हाइड्रोजन डेमू ट्रेन हरियाणा को मिलने पर प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर और हरित ऊर्जा क्षेत्र में नई दिशा तय करेगी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह ट्रेन भविष्य की आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगी।