Summer express, सोनीपत। स्वास्थ्य विभाग की पीसी-पीएनडीटी टीम ने अंतर-जिला कार्रवाई करते हुए चरखी दादरी में चल रहे कथित अवैध भ्रूण लिंग जांच रैकेट का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान एक बीएमएस डॉक्टर समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। टीम ने लिंग जांच के नाम पर वसूली गई रकम भी बरामद की है। मामले में चरखी दादरी सिटी थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि चरखी दादरी में गर्भस्थ शिशु का लिंग बताने के लिए अवैध रूप से पैसे लिए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर सोनीपत से विशेष टीम गठित की गई। इसमें पीसी-पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. दीपक कौशिक, डॉ. योगेश दहिया और चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक शर्मा शामिल थे। टीम ने चरखी दादरी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया।
जांच के दौरान सामने आया कि चरखी दादरी स्थित प्रधान अस्पताल में कार्यरत बीएमएस डॉक्टर डॉ. विभूति वत्स कथित तौर पर भ्रूण का लिंग बताने के लिए सौदेबाजी कर रहा था। मामले में अस्पताल के एक्स-रे तकनीशियन रविंदर की भूमिका भी सामने आई। आरोप है कि लिंग जांच के लिए पंजीकृत सुविधा मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करवाने की व्यवस्था की गई थी। औपचारिक प्रक्रिया के तहत रेफरल पर्ची और फॉर्म-एफ भरवाया गया, लेकिन मौके पर एएनसी रजिस्टर का उचित रखरखाव नहीं मिला।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के दौरान सौदा 1.20 लाख रुपये से शुरू होकर एक लाख रुपये में तय हुआ। इसमें 40 हजार रुपये एडवांस के तौर पर डॉक्टर के कहने पर उसके एक परिचित के फोनपे खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए गए, जबकि बाकी 60 हजार रुपये अल्ट्रासाउंड के बाद नकद देने की बात तय हुई।
अल्ट्रासाउंड प्रक्रिया पूरी होने के बाद डॉक्टर ने फोन पर कथित तौर पर कोडवर्ड में गर्भस्थ शिशु का लिंग बताने का प्रयास किया। इसके बाद पहले से तैयार स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और लिंग जांच के लिए दी गई रकम बरामद कर ली। पुलिस ने मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामला भ्रूण लिंग जांच पर रोक लगाने वाले कानून के तहत गंभीरता से जांचा जा रहा है।