Summer express,हिसार। हिसार जिले में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच 18 दिनों में संक्रमण से चौथी मौत हुई है। गांव सुलखनी निवासी 81 वर्षीय सेवानिवृत्त बेलदार ने एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उनकी जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई थी।
उपचार के दौरान बुजुर्ग की हालत लगातार गंभीर होती गई। चिकित्सकीय जांच में उनके फेफड़ों में संक्रमण के कारण गंभीर सूजन और किडनी फेल होने की बात सामने आई। और जिस कारण उनकी मौत हो गई। इसके बाद पैतृक गांव सुलखनी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
हिसार जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के 73 मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता की बात यह है कि इनमें दो-तिहाई से अधिक मरीज ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। संक्रमण के कारण हुई चार मौतों में तीन ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित बुजुर्ग मरीज हैं। इससे गांवों में संक्रमण की स्थिति को लेकर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।
इससे पहले बिठमड़ा गांव की एक बुजुर्ग महिला, नारनौंद की एक महिला और एक साल की बच्ची की भी स्वाइन फ्लू संक्रमण के बाद मौत हो चुकी है।
बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया है। स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ले रही हैं। फ्लू जैसे लक्षण मिलने पर लोगों को तत्काल जांच कराने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
हिसार के उप सिविल सर्जन एवं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। सुलखनी में 81 वर्षीय बुजुर्ग की मौत के बाद पांच सदस्यीय चिकित्सकीय टीम गठित की गई है। टीम मृतक की मेडिकल हिस्ट्री और स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है। रिपोर्ट के विस्तृत विश्लेषण के बाद ही मौत की आधिकारिक पुष्टि दर्ज की जाएगी।