अहमदाबाद | अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे को लेकर एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। लंदन में पीड़ित परिवारों का प्रतिनिधित्व कर रहे वकीलों ने दावा किया है कि हादसे में मारे गए कम से कम 12 ब्रिटिश नागरिकों के शवों को गलत तरीके से पहचान कर उनके परिवारों को सौंप दिया गया। लंदन में की गई दोबारा DNA जांच में ये खुलासा हुआ कि जो अवशेष परिवारों को दिए गए, वो उनके अपनों के थे ही नहीं।
यह हादसा उस समय हुआ था जब एयर इंडिया का विमान अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 269 लोगों की जान चली गई थी। मृतकों में 52 ब्रिटिश नागरिक भी शामिल थे। हादसे के बाद शवों की पहचान कर DNA के ज़रिए परिजनों को सौंपा गया था, लेकिन अब जांच में सामने आया है कि कई शवों की पहचान में बड़ी चूक हुई है।
‘गलत शव, अधूरी विदाई’
लंदन के वकील जेम्स हीली प्रैट ने दावा किया कि यह एक बेहद संवेदनशील और दुखद स्थिति है। कई परिवारों ने अंतिम संस्कार की तैयारियाँ कर ली थीं, लेकिन जब पता चला कि शव उनके अपनों के नहीं हैं, तो उन्हें सब कुछ रोकना पड़ा। वकील के मुताबिक कुछ ताबूतों में एक से अधिक व्यक्तियों के अवशेष मिले, जिन्हें बाद में अलग किया गया।
DNA जांच करने वाली वरिष्ठ कोरोनर डॉ. फियोना विलकॉक्स ने पुष्टि की है कि कई शव गलत परिवारों को भेजे गए हैं। अब सवाल उठता है कि अगर जिन शवों को परिवारों ने अंतिम विदाई दी, वे उनके नहीं थे, तो असली अवशेष कहाँ हैं? और कहीं यह गलती और बड़े पैमाने पर तो नहीं हुई?
एयर इंडिया अब तक चुप
इस गंभीर मामले में अब तक एयर इंडिया की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पीड़ित परिवारों की मांग है कि उन्हें पूरी जानकारी दी जाए और जो लापरवाही हुई है, उसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाए।
यह मामला न सिर्फ एक तकनीकी या प्रशासनिक चूक का संकेत है, बल्कि उन परिवारों के लिए भी गहरे भावनात्मक झटके जैसा है, जिन्हें अब तक यह भी नहीं पता कि वे जिनका शोक मना रहे थे, वो वास्तव में उनके अपने थे भी या नहीं।