गुरुग्राम। गुरुग्राम के लाखों निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। शहर में जल्द ही ट्रांसिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) पॉलिसी लागू होने जा रही है, जिससे साइबर सिटी में ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा। इस नीति का उद्देश्य मेट्रो और रैपिड रेल नेटवर्क के आसपास संतुलित और आधुनिक शहरी विकास को बढ़ावा देना है, ताकि शहर में जाम की समस्या घटे और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।
टीओडी पॉलिसी के तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और बहादुरगढ़ जैसे शहरी इलाकों को शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में दिल्ली मेट्रो, रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) और प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के दोनों ओर 800 मीटर तक का क्षेत्र टीओडी जोन घोषित किया जाएगा।
मुख्य लाभ:
- शहर में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में कमी आएगी।
- नागरिकों को बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाजनक जीवनशैली मिलेगी।
- डेवलपर्स को अधिक निर्माण घनत्व (FAR) और सरल अप्रूवल प्रक्रिया का फायदा होगा।
- पैदल चलने, साइकिल चलाने और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की डीटीपी दिव्या डोगरा के अनुसार, इस नीति से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि ग्रीन अर्बन डेवलपमेंट और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। यह शहर को ‘कम्पैक्ट और स्मार्ट सिटी मॉडल’ की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास है।
टीओडी के तहत दो जोन बनाए गए हैं —
- इंटेंस जोन (0–500 मीटर): FAR 3.5 तक की अनुमति।
- ट्रांजिशन जोन (500–800 मीटर): FAR 2.5 तक की अनुमति।
इस नीति से गुरुग्राम में आने वाले वर्षों में न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि यह शहर के सतत विकास (की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।