कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को मंगलवार को तीन साल बाद जमानत मिल गई है। उन्हें 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एसएससी भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया था। चटर्जी की रिहाई पर उनके समर्थकों ने “पार्थ दा जिंदाबाद” के नारे लगाए।
जानकारी के अनुसार, चटर्जी पिछले 203 दिनों से कोलकाता के मुकुंदपुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। सोमवार को सीबीआई द्वारा गवाहों की पूछताछ पूरी होने के बाद अदालत ने उन्हें जमानत बांड भरने पर रिहा करने का आदेश दिया।
गौरतलब है कि इससे पहले चटर्जी को ईडी के मामलों में जमानत मिल चुकी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की जांच पूरी होने तक रिहाई पर रोक लगाई थी। अदालत द्वारा सभी गवाहों से पूछताछ पूरी होने के बाद अब उन्हें न्यायिक हिरासत से रिहा कर दिया गया।
रिहाई के वक्त बड़ी संख्या में उनके समर्थक अस्पताल के बाहर मौजूद थे और भावुक माहौल में उन्होंने नारे लगाए। चटर्जी अस्पताल से अपने आवास नाकतला, दक्षिण कोलकाता के लिए रवाना हुए।