Shimla, 17 November
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर आया-हेल्पर भर्ती के नाम पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। शिमला से जारी प्रेस बयान में उन्होंने कहा कि सरकार की हर नई योजना अराजकता, मनमानी और राजनीतिक हित साधने का माध्यम बन गई है।
जयराम ठाकुर ने बताया कि प्रदेश के 6202 प्री-प्राइमरी स्कूलों में आया-हेल्पर के पदों की घोषणा की गई है, जिसमें चयनित कर्मियों को करीब 3800 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। इसमें 90% बजट केंद्र सरकार और 10% राज्य सरकार से आएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना को भी सुखविंदर सुक्खू सरकार आउटसोर्सिंग के जरिए ठेकेदारों की मर्जी पर छोड़कर भ्रष्टाचार का साधन बनाने जा रही है।उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में कोई पारदर्शिता नहीं है। न पात्रता का स्पष्ट मानक है, न चयन प्रक्रिया की रूपरेखा। “किसे लेना है और किसे नहीं, इसका पूरा नियंत्रण सरकार रखना चाहती है,” उन्होंने कहा। नेता प्रतिपक्ष के अनुसार भर्ती को अस्पष्ट रखकर सत्ता पक्ष अपनी “मित्र मंडली” को फायदा पहुंचाना चाहता है।
जयराम ठाकुर ने दावा किया कि पहले भी मंत्रियों के करीबियों ने आउटसोर्स एजेंसियां खोलकर नौकरियों की खरीद-फरोख्त की थी। एनटीटी भर्ती सहित कई मामलों में अनियमितताओं की बात सामने आ चुकी है, जिन पर अदालतें भी सरकार की आलोचना कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग भर्तियों में “कैश-फॉर-जॉब” जैसी स्थितियां पैदा होना सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करती हैं।
पंचायत चुनावों के ठीक पहले की जा रही नियुक्तियां
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि पंचायत चुनावों के ठीक पहले इन नियुक्तियों को तेज़ी से करवाने के पीछे सरकार का राजनीतिक उद्देश्य है। “पंचायत चुनावों में लाभ उठाने और चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए ही नियुक्तियों का समय तय किया गया है,” उन्होंने कहा। उन्होंने दावा किया कि कंपनियों को सरकार की ओर से मौखिक निर्देश दिए गए हैं कि किसे नौकरी देनी है, यह निर्णय भी सरकार ही करेगी।जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित योजना को प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा रही है और योग्य लोगों का हक छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा इस “मनमानी और भ्रष्टाचार” को किसी भी हाल में सफल नहीं होने देगी।