Rohru, Sanju
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने मंगलवार को रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र से अपने संसदीय दौरे की शुरुआत की। यह दौरा सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती को समर्पित ‘पदयात्रा कार्यक्रम’ के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा के बढ़ते राजनीतिक विस्तार और सरकार की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की।
कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व में भाजपा आज देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी एक मजबूती से उभरता राजनीतिक संगठन बन गई है।उन्होंने बताया कि जहां 2014 में भाजपा के देशभर में 1035 विधायक थे, वहीं 2020 में यह संख्या 1207 और 2025 में बढ़कर 1654 हो चुकी है।कश्यप के अनुसार यह आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि भाजपा ने जमीनी स्तर पर अपना विस्तार लगातार तेज किया है।इसके विपरीत उन्होंने कांग्रेस के घटते जनाधार का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी का वोट शेयर और सीटें दोनों लगातार गिरावट पर हैं। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का वोट शेयर मात्र 21% रहा, जबकि भाजपा का 37% था। कश्यप ने बताया कि हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा और पार्टी को केवल लगभग 8.7% वोट शेयर ही प्राप्त हुआ।
रोहड़ू में भाजपा सरकार ने रखी विकास की नींव
अपने संबोधन में सुरेश कश्यप ने दावा किया कि रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र का वास्तविक और ठोस विकास जयराम ठाकुर सरकार के कार्यकाल में हुआ। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने रोहड़ू सिविल अस्पताल को सीटी स्कैन सुविधा प्रदान की। संडासू के समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 20 से बढ़ाकर 50 बिस्तरों तक विस्तारित किया गया।
इसके साथ ही कुलगढ़ में हेलीपैड, समोली स्थित मुख्यमंत्री लोक भवन में अतिरिक्त मंजिल, तथा समरकोट और धामवाड़ी में उप-तहसीलों की घोषणा भी भाजपा सरकार द्वारा की गई।उन्होंने बताया कि आईटीआई चिरगांव और आईटीआई डोडरा क्वार में नए ट्रेड शुरू करके युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी अवसरों को भी बढ़ाया गया।
एकता का प्रतीक थे सरदार पटेल
कार्यक्रम में सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए कश्यप ने कहा कि उनका जीवन ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का साकार रूप था। स्वतंत्रता के बाद 550 से अधिक रियासतों के एकीकरण का असंभव दिखने वाला कार्य सरदार पटेल ने पूरा किया और देश की एकता को मजबूत आधार प्रदान किया।
उन्होंने कहा कि आज ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस की तरह ही राष्ट्रीय महत्व का पर्व बन चुका है।