चंडीगढ़। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। हुड्डा ने कहा कि राज्य में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर उदासीन बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि इंडिया जस्टिस रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा पुलिस की रैंकिंग पिछले पांच वर्षों में आठवें स्थान से गिरकर 14वें स्थान पर पहुंच गई है, जो शासन-प्रशासन की विफलता का साफ संकेत है।
हुड्डा के अनुसार रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 18 बड़े राज्यों में हरियाणा की स्थिति निचले पायदानों पर है। यहां तक कि बिहार भी पुलिस रैंकिंग में हरियाणा से चार स्थान ऊपर है, जबकि पड़ोसी पंजाब सातवें नंबर पर बना हुआ है। इसे लेकर उन्होंने कहा कि राज्य की जनता असुरक्षित महसूस कर रही है और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदमों की जरूरत है।
इंडिया जस्टिस रिपोर्ट देशभर में न्याय प्रणाली के चार प्रमुख स्तंभों—पुलिस, न्यायपालिका, जेल प्रशासन और कानूनी सहायता—के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है। हुड्डा ने कहा कि इस रिपोर्ट ने हरियाणा सरकार की वास्तविक कार्यप्रणाली का पर्दाफाश कर दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस महकमे में भर्ती, पदोन्नति और संसाधनों के वितरण में गंभीर खामियां हैं, जिसके कारण रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार एससी और ओबीसी वर्ग के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है, जिससे समाजिक संतुलन प्रभावित हो रहा है और न्याय की प्रक्रिया कमजोर पड़ रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मांग की कि वह पुलिस बल की संरचना, संसाधनों और मानवशक्ति के सुधार पर तुरंत काम करे। साथ ही अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को बहाल करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार करे। हुड्डा ने कहा कि विपक्ष जनता की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठाता रहेगा और इस लड़ाई को सदन से लेकर सड़क तक ले जाएगा।