चंडीगढ़। पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से जुड़े आय से अधिक संपत्ति मामले में विजिलेंस ने बड़ी कार्रवाई की है। विशेष अदालत ने मजीठिया के साले गजपत सिंह ग्रेवाल की गिरफ्तारी के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश विजिलेंस ब्यूरो की रिपोर्ट और अदालत में दायर आवेदन के आधार पर जारी किया गया।
विजिलेंस के अनुसार जांच में पाया गया कि गजपत सिंह ग्रेवाल की भूमिका मामले में संदिग्ध है। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर इंदरपाल सिंह ने अदालत को बताया कि ग्रेवाल को कई नोटिस भेजे गए, लेकिन वे न तो जांच में पेश हुए और न ही किसी प्रकार का सहयोग किया। अदालत में दिए गए बयान के मुताबिक, ग्रेवाल पर मजीठिया की कथित अवैध संपत्तियों को इकट्ठा करने और उन्हें छिपाने में मदद करने का आरोप है।
रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों और दलीलों को देखते हुए विशेष जज नीतिका वर्मा ने ग्रेवाल की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी करने की अनुमति दे दी। जारी किया गया वारंट 29 नवंबर 2025 को रिटर्नेबल होगा।
700 करोड़ रुपये की कथित संपत्ति की जांच जारी
पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पहले से ही विजिलेंस जांच के दायरे में हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि मजीठिया ने लगभग 700 करोड़ रुपये की संपत्ति कथित रूप से 2013 के ड्रग नेटवर्क की अवैध कमाई को वैध दिखाकर अर्जित की। इस मामले में पिछले कई महीनों से विजिलेंस ब्यूरो जांच कर रहा है और कई महत्वपूर्ण गवाहों व वित्तीय रिकॉर्ड की जांच जारी है।
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि ग्रेवाल की गिरफ्तारी से मामले की जांच में और तेजी आएगी तथा कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर और भी स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।