Mandi, Dharamveer-:नववर्ष के अवसर पर श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, नेरचौक में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों के लिए बड़ी राहत भरी पहल की गई है। अब इलाज के दौरान तीमारदारों को रात में ठहरने के लिए न तो अस्पताल के गलियारों में सोना पड़ेगा और न ही बाहर महंगे किराये के कमरे तलाशने होंगे। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कॉलेज परिसर में ही कमरों और डॉरमेट्री की सुविधा शुरू कर दी है।
इस नई सुविधा का विधिवत शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीके वर्मा ने किया। उन्होंने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन दूर-दराज़ क्षेत्रों से हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीजों के भर्ती होने के बाद उनके साथ आए परिजनों को रात्रि ठहराव में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था शुरू की गई है।
नई सुविधा के तहत तीमारदारों के लिए कुल 8 कमरे उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि डॉरमेट्री में 32 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। कमरों का किराया 500 और 700 रुपये निर्धारित किया गया है, वहीं डॉरमेट्री में प्रति बिस्तर 200 रुपये शुल्क रखा गया है। यह सुविधा किफायती होने के साथ-साथ सुरक्षित और सुविधाजनक भी है।
डॉ. डीके वर्मा ने कहा कि तीमारदारों को अब अस्पताल परिसर में ही ठहरने की सुविधा मिलेगी, जिससे वे मरीजों की बेहतर देखभाल कर सकेंगे। इससे न केवल तीमारदारों को राहत मिलेगी, बल्कि अस्पताल की कार्यप्रणाली भी अधिक सुव्यवस्थित होगी।कॉलेज प्रशासन ने तीमारदारों को सुविधा की जानकारी देने के लिए परिसर के विभिन्न स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाए हैं। इसके अलावा, बुकिंग और जानकारी के लिए 80918-60963 मोबाइल नंबर भी जारी किया गया है।
अस्पताल में मौजूद तीमारदारों ने इस पहल की सराहना की है। तीमारदार पप्पू शर्मा ने कहा कि पहले यहां ठहरने की कोई उचित व्यवस्था नहीं थी, लेकिन अब इस सुविधा से कई लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को मानवीय और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।