चंडीगढ़।हरियाणा में औद्योगिक नवाचार और नए उद्यमियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पहली बार हरियाणा इनोवेशन मिशन का गठन किया जा रहा है। इस मिशन की कमान स्वयं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी संभालेंगे। मिशन के जरिए जहां प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी, वहीं युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी सृजित होंगे।
भविष्य विभाग के अधीन गठित यह मिशन स्टेट इनोवेशन सोसाइटी के माध्यम से कार्य करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में नवाचार और उद्यमिता की मजबूत संस्कृति विकसित करना है। भविष्य विभाग के प्रशासनिक सचिव को सोसाइटी का मुख्य समन्वयक एवं पदेन सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि विभाग के निदेशक को मिशन निदेशक (पदेन) बनाया गया है।
मुख्यमंत्री की संस्तुति पर मिशन में देश के प्रख्यात उद्योगपति और प्रौद्योगिकी एवं आईटी, विनिर्माण व इंजीनियरिंग, कृषि और कृषि-प्रौद्योगिकी से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही आईआईटी, एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों, नवाचार संस्थानों, अनुसंधान केंद्रों, इनक्यूबेटर और एक्सीलरेटर, तथा राज्य व राष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्टता केंद्रों के प्रतिनिधि भी विशेषज्ञ सलाहकार के रूप में भूमिका निभाएंगे।
यह मिशन अटल इनोवेशन मिशन और नीति आयोग के सहयोग से उद्योग जगत और प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों की मदद लेकर राज्य नवाचार मिशन मॉडल तैयार करेगा। उद्योग की जरूरतों और उभरते क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए नवाचार एवं उद्यमिता के लिए उच्चस्तरीय रणनीति विकसित की जाएगी। साथ ही सरकारी एजेंसियों, उद्योग, शिक्षण संस्थानों, फाउंडेशन, इनक्यूबेटर और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के बीच समन्वय स्थापित करना भी मिशन की अहम जिम्मेदारी होगी।
मिशन के तहत सरकार में क्षमता निर्माण, नए स्टार्टअप और उद्यम सृजन से जुड़े कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके अलावा हैकाथॉन, इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, अवसंरचना विकास और नई तकनीकों को अपनाने जैसे कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा। इन सभी पहलों को मिशन हरियाणा 2047 के लक्ष्यों और क्षेत्रवार रोजगार व विकास उद्देश्यों से जोड़ा जाएगा।
दो हजार से अधिक युवाओं को मिलेगा इंटर्नशिप का अवसर
प्रदेश के प्रत्येक जिले में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री युवा कौशल सम्मान योजना के अंतर्गत दो हजार स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों को विभिन्न उद्योगों में इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा। इन छात्रों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये का मानदेय भी दिया जाएगा। वहीं, राज्य के सभी स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने की योजना है, ताकि छठी से बारहवीं कक्षा तक के छात्रों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार की भावना को मजबूत किया जा सके।