चंडीगढ़। हरियाणा में बुजुर्गों की पेंशन कटौती को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इनेलो और कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में पात्र बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन बंद की जा रही है। इस मुद्दे को लेकर दोनों दलों ने प्रदेशभर में आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली है। वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहले ही दावा कर चुके हैं कि प्रदेश में किसी भी पात्र व्यक्ति की पेंशन नहीं काटी जा रही है।
इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने दावा किया कि पिछले दो महीनों में प्रदेश में कम से कम एक लाख बुजुर्गों की पेंशन काटी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि फैमिली आईडी में गलत तरीके से आय और वाहन जैसी जानकारियां जोड़कर बुजुर्गों को पेंशन से वंचित किया जा रहा है। माजरा के अनुसार इस कटौती के कारण गरीब और असहाय बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रामपाल माजरा ने बताया कि पेंशन कटौती के विरोध में इनेलो ने 20 फरवरी को पंचकूला में प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इस प्रदर्शन में पार्टी के विधायक, पदाधिकारी, महिलाएं और बड़ी संख्या में बुजुर्ग शामिल होंगे। उन्होंने सरकार पर धान खरीद में कथित घोटाले, बेरोजगारी बढ़ने, युवाओं के पलायन और कानून व्यवस्था बिगड़ने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए।
कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और रोहतक सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार बुजुर्गों के सम्मान और अधिकारों पर चोट कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेंशन कटौती एक सुनियोजित योजना के तहत की जा रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निशित कटारिया ने कहा कि सरकार आय सीमा तय कर लाखों बुजुर्गों की पेंशन काटने की तैयारी में है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महंगाई लगातार बढ़ रही है, तब बुजुर्गों की पेंशन रोकना गरीब परिवारों पर सीधा हमला है। कटारिया ने भाजपा सरकार को सर्वांगीण रूप से विफल बताते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के नौ वर्षों में पेंशन 233 प्रतिशत बढ़ी थी, जबकि भाजपा सरकार के 12 वर्षों में केवल 200 प्रतिशत वृद्धि हुई, लेकिन यह पेंशन भी समय पर नहीं मिल रही है।
वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि राज्य में किसी भी पात्र व्यक्ति की पेंशन नहीं काटी जा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है।