Summer express/कुरुक्षेत्र-: मीरी-पीरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल शाहाबाद मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का फैसला हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के पक्ष में आने के बाद सियासी और धार्मिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अदालत ने मीरी पीरी चैरिटेबल ट्रस्ट की याचिका को खारिज कर दिया। इससे पहले कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
फैसला आने के बाद HSGMC के पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल कुरुक्षेत्र स्थित कमेटी के मुख्य कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने मौजूदा प्रधान जगदीश सिंह झींडा पर कई गंभीर आरोप लगाए। दादूवाल ने कहा कि झींडा प्रधान बनने के बाद “बादलों की झोली में जाकर बैठ गए” और उन्हें न हरियाणा कमेटी की चिंता रही और न ही मीरी-पीरी संस्थान की।उन्होंने कहा कि यह फैसला “सच्चाई की जीत” है और अब सभी सदस्यों को एकजुट होकर संस्थान की सेवा-संभाल करनी चाहिए। दादूवाल ने दावा किया कि कानूनी और कागजी प्रक्रिया आगे भी चलती रहेगी, लेकिन आज से ही मीरी-पीरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की सेवा और प्रबंधन का अधिकार HSGMC के पास आ चुका है।