बहादुरगढ़ | कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे पर यात्रा करना इन दिनों महंगा साबित हो रहा है। टोल सिस्टम में तकनीकी खराबी के चलते यात्रियों से वास्तविक दूरी के मुकाबले पूरे रूट का टोल वसूला जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, एक्सप्रेसवे के एंट्री पॉइंट पर लगे ऑटोमेटिक स्कैनर खराब हो चुके हैं, जिसके कारण वाहन सही तरह से स्कैन नहीं हो पा रहे। परिणामस्वरूप, बहादुरगढ़ से कुंडली तक मात्र 40 किलोमीटर की यात्रा के लिए 73 रुपये की बजाय यात्रियों से 280 रुपये तक वसूले जा रहे हैं — यानी करीब 207 रुपये अधिक।
स्थानीय लोगों का कहना है कि टोल कटने का संदेश काफी देर बाद मोबाइल पर आता है, जिससे वे मौके पर शिकायत भी नहीं कर पाते। कई वाहन चालकों का आरोप है कि यह समस्या केवल बहादुरगढ़ टोल पर नहीं, बल्कि पूरे केएमपी मार्ग पर फैली हुई है।
रोज़ाना लाखों रुपये का नुकसान यात्रियों को
अंदाजा है कि प्रतिदिन करीब 40 से 60 हजार वाहन केएमपी टोल प्लाज़ा से गुजरते हैं। यदि इनमें से सिर्फ 25% वाहनों के साथ भी ऐसा झोल हो रहा है, तो हर दिन यात्रियों की जेब से लाखों रुपये का गलत टोल वसूला जा रहा है।
अधिकारी बोले—सुधार जारी है
केएमपी टोल के बहादुरगढ़ प्रबंधक बिजेंद्र जायसवाल ने माना कि “पिछले एक महीने से सिस्टम में दिक्कत आ रही है। सुधार कार्य जारी है।” गौरतलब है कि एचएसआईआईडीसी (HSIIDC) केएमपी एक्सप्रेसवे के संचालन की जिम्मेदारी संभालती है।
टोल दरें क्या हैं?
1 अप्रैल 2025 से एलएमवी (कार) के लिए ₹1.84 प्रति किलोमीटर, एलजीवी/मिनी बस के लिए ₹2.97 प्रति किलोमीटर, और ट्रक/बस के लिए ₹6.23 प्रति किलोमीटर टोल निर्धारित है।
परंतु खराब स्कैनर सिस्टम के चलते यात्रियों से मनमाना वसूला जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।