गोरखपुर | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 30 जून से दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंच रही हैं, जहां उनका भव्य स्वागत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद करेंगे। यह दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाला है, क्योंकि पहली बार कोई राष्ट्रपति गोरखपुर में 129 किलोमीटर की दूरी सड़क मार्ग से तय करेगी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं।
30 घंटे का व्यस्त शेड्यूल, कई कार्यक्रमों में लेंगी हिस्सा
राष्ट्रपति मुर्मु सोमवार 30 जून को दोपहर में गोरखपुर एयरपोर्ट पर उतरेंगी और 1 जुलाई की शाम तक यहां रुकेंगी। इस दौरान वे एम्स गोरखपुर के पहले दीक्षांत समारोह में शामिल होकर मेधावी छात्रों को पदक प्रदान करेंगी। वहीं, मंगलवार को वे पिपरी भटहट स्थित उत्तर प्रदेश के पहले महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का लोकार्पण करेंगी।
इसके बाद सोनबरसा स्थित महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के आरोग्यधाम में अकादमिक भवन, पंचकर्म यूनिट, ऑडिटोरियम और गर्ल्स हॉस्टल के शिलान्यास एवं उद्घाटन कार्यक्रम में भी भाग लेंगी। दोनों दिन राष्ट्रपति का गोरखनाथ मंदिर जाकर दर्शन और पूजन करने का भी कार्यक्रम तय है।
सड़क मार्ग से 129 किमी की यात्रा, पहली बार होगा ऐसा
राष्ट्रपति के आगमन के बाद वे गोरखपुर में सभी कार्यक्रम स्थलों तक सड़क मार्ग से ही जाएंगी। पहले दिन वे एयरपोर्ट, सर्किट हाउस, एम्स और गोरखनाथ मंदिर तक कुल 37 किमी की यात्रा करेंगी। दूसरे दिन की यात्रा में पिपरी भटहट, सोनबरसा और पुन: एयरपोर्ट तक कुल 92 किमी का सफर तय करेंगी। इस प्रकार वे कुल 129 किमी सड़क मार्ग से यात्रा करेंगी — जो अब तक किसी भी राष्ट्रपति की गोरखपुर में सबसे लंबी यात्रा होगी।
सीएम योगी खुद रख रहे तैयारियों पर नजर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति के कार्यक्रमों और रूट की तैयारियों का खुद निरीक्षण किया है। सुरक्षा से लेकर आयोजन स्थल तक की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि योगी आदित्यनाथ अपने कार्यकाल में चौथी बार गोरखपुर में किसी राष्ट्रपति की अगवानी करेंगे। इससे पहले वे तीन बार तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का स्वागत कर चुके हैं।