Summer express ,नई दिल्ली | ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को लेकर नया कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। मेघालय सरकार ने निचली अदालत के बेल आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया है और जमानत रद्द करने की मांग की है।
मामले में हाईकोर्ट ने सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह के लिए निर्धारित की है। वहीं, सोनम को जमानत मिलने के बाद उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह समेत चार अन्य आरोपियों ने भी जमानत याचिकाएं दाखिल की हैं, जिन पर अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
मेघालय सरकार का तर्क है कि ईस्ट खासी हिल्स की सेशंस कोर्ट ने जमानत देते समय मामले की गंभीरता और उसके व्यापक प्रभावों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया। सरकार का कहना है कि आरोपित को गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी थी और इससे संबंधित दस्तावेज भी अदालत में प्रस्तुत किए गए थे।
गौरतलब है कि राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम के साथ हनीमून के लिए शिलांग गया था, जहां उसकी हत्या कर दी गई। जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में सोनम रघुवंशी, राज कुशवाह, विशाल चौहान, आनंद कुर्मी और आकाश राजपूत को गिरफ्तार किया था।
सोनम को 27 अप्रैल को जमानत मिली थी। न्यायमूर्ति डब्ल्यू. डिएंगडोह की अदालत ने गिरफ्तारी प्रक्रिया में कथित खामियों का हवाला देते हुए यह राहत दी थी। अदालत ने टिप्पणी की थी कि सोनम को गिरफ्तारी के आधारों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी।
अब इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो यह तय करेगा कि सोनम की जमानत बरकरार रहेगी या उसे रद्द किया जाएगा। फिलहाल यह मामला एक बार फिर न्यायिक समीक्षा के दायरे में आ गया है।